| अध्यक्ष/एमपीटी की लौट अयस्क निर्यातकों के साथ बैठक
श्री.पी.एम मारा पंडियन,अध्यक्ष एमपीटी ने कर्नाटक के घोटालों और साथ ही राज्य के अवैध/गैर कानूनी खनिज पर हेगङे कमिटी की रिपोर्ट के परिप्रेक्ष्य में गोवा मिनरल और एक्सपोर्ट एसोसिएशन(जीएमओईए) तथा एमपीटी के माध्यम से अपने अयस्क का निर्यात करनेवाले नियमित लौह अयस्क निर्यातकों के साथ बैठक आयोजित की|अध्यक्ष एमपीटी ने लौट अयस्क निर्यातक तथा जीएमओईए से अपील की की अयस्क निर्यातकों कों सभी नियमोंका अनुपालन करना आवश्यक है ताकि यह सुनिश्चीत किया जा सके की निर्यात हेतु एमपीटी में मात्र निधि-सम्मत लौह अयस्क लाया जाना है | बैठक में उपस्थित लौह अयस्क निर्यातकोंने सर्व संमति से अध्यक्ष/एमपीटी से सहमत होकर सुचित किया कि उनमें से एक भी निर्यातक गैरकानुनी माइनिंग मे शामिल नही है और प्रत्येक शिपमेंट के लिए वे पत्तन प्रधिकारी को उसकी एनओसी प्रस्तुत करते है जो उसका पर्याप्त सबूत है | अध्यक्ष ने जीएमओईए और लौह अयस्क निर्यातकों से अपिल की कि वे अधिकाधिक मायनिंग क्षेत्र को हरित कवर / वृक्षारोपण के तहत लाने हेतु अपना सामाजिक दायित्व मानते हुए विस्तृत उपायों को अपनाए | साथ ही अध्यक्षने यह भी अपील की कि मायनिंग क्षेत्र को हरित कवर के तहत लाने हेतु लक्ष बनाना होगा और गोवा राज्य लदा हरा भरा दिखना चाहिये |
इस बैठक मे वी.एम.सालगांवकर एण्ड कंपनी प्रा.लि., सेजागोवा लि.,चौगुले एण्ड कंपनी प्रा.लि., फोमेन्तो तिंबलो प्रा.लि, राजाराम बांदेकर जैसे अयस्क निर्यातक बडी संख्या में उपस्थित थे | अध्यक्ष ने निर्यातकों की सुविधा हेतु आवश्यक अवसंरचना और उत्पादक्षता स्थर प्रदान करने की वचनबध्ता को दोहराया और इस बात से अवगत किया कि पोत परिवहन मंत्रालयने वर्ष 2011-12 के लिए 53.00 मिलियन टन नौभार उत्पादकता का लक्ष निर्धारित किया है जिसमे से लगभग 40.00 मिलियन टन लौह अयस्क की सम्हलाई वित्तीय वर्ष में अपेक्षित है | |